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ऋषिकेश को जिला बनाने की मांग फिर मुखर

ऋषिकेश। ऋषिकेश को जिला बनाने की मांग एक बार फिर से उठने लगी है। सोमवार को राज्य आंदोलनकारियों ने बैठक कर ऋषिकेश को जिला बनाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किए। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने नगर निगम परिसर स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी हाल में बैठक की। जिसकी अध्यक्षता करते हुए बलवीर सिंह नेगी ने कहा कि लंबे समय से ऋषिकेश को जिला बनाने की मांग चल रही है, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। ऋषिकेश को ढालवाला, तपोवन, डोईवाला आदि क्षेत्रों को जोड़कर जिला बनाया जाए। ताकि यहां बेहतर विकास हो सके। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने सर्वसम्मति से ऋषिकेश को जिला बनाने, हरिद्वार मार्ग स्थित डंप पड़े कूड़े को हटाने, नगर को अतिक्रमण मुक्त कर पार्किंग की व्यवस्था करने, नगर को नशा मुक्त व शराब मुक्त करने, रायवाला पुलिस द्वारा भू-माफिया को संरक्षण देने के मामले की जांच करने, बदहाल सड़कों की स्थिति सुधारने, सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, ऋषिकेश स्थित खसरा नंबर 276 की उच्च स्तरीय जांच करने, चारधाम यात्रा बस अड्डे पर बने ट्रांजिट कैंप की गुणवत्ता की जांच करने, छूटे हुए राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण तत्काल शुरू करने, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, एक समान पेंशन देने, मूल निवास तत्काल लागू करने, सशक्त भू कानून बनाने आदि मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किया। कहा कि इन मांगों को सीएम पुष्कर सिंह धामी को भेजा जाएगा। इस मौके पर मधु डबराल, पार्वती रतूड़ी, प्रेमा नेगी, जयंती नेगी, दर्शनी रावत, कमला पोखरियाल, रोशनी खारोला, कमला रौतेला, अंजू गैरोला, जया डोभाल, रविंद्र कौर, सुशीला बिष्ट, सुशीला पोखरियाल, पूर्ण राणा, सतेश्वरी मनोरी, शोभा बिजल्वाण, लाजवंती डंगवाल, डीएस गुसाईं, वेद प्रकाश शर्मा, गंभीर सिंह मेवाड़, रूकम पोखरियाल, हरि सिंह नेगी, राजेंद्र कोठारी, विशंभर दत्त डोभाल, बृजेश डोभाल, अजीत सिंह, जुगल किशोर बहुगुणा, महादेव रांगड आदि उपस्थित रहे।