पहाड़ भारत

खबर पहाड़ की

राज्यपाल बोले, युवा भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करने का संकल्प लें

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने युवाओं से आह्वान किया कि वे ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करने का संकल्प लें। लोकभवन में बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान द्वारा आयोजित ‘यूथ अगेंस्ट करप्शन’ भ्रष्टाचार कारण एवं निवारण विषयक गोष्ठी उन्होंने यह आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती है। इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। ‘देने और लेने’ वाले दोनों की सोच में बदलाव जरूरी है। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करना अनिवार्य है। गोष्ठी में पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों और युवाओं ने सक्रिय रूप से परिचर्चा में भाग लिया। प्रतिभागियों ने भ्रष्टाचार के कारण, उसके सामाजिक प्रभाव तथा निवारण के उपायों पर अपने विचार साझा किए। पूर्व डीजीपी जेएस पाण्डेय, न्यायाधीश कुमकुम रानी (सेनि) (सेवानिवृत्त), पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त विपिन चंद्रा, योगेश कुमार देव, जेएस विर्क, डीएस मान ने विचार रखे। गोष्ठी में डीजीपी दीपम सेठ, निदेशक- सतर्कता वी. मुरुगेशन, डीआईजी- सतर्कता प्रहलाद नारायण मीणा, धीरेन्द्र गुंज्याल आदि मौजूद रहे। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को धामी सरकार की तारीफ की राज्यपाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रदेश की धामी सरकार की पीठ भी ठोकी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सराहनीय कठोर निर्णय किए गए हैं। हालिया वर्षों में भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *