देहरादून। गैरसैंण में 19 अगस्त से शुरू होने जा रहा विधानसभा का मानसून सत्र चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। भारी बारिश और आपदा के बीच सरकारी मशीनरी के सामने आपदा से निपटने और सत्र के सफल संचालन की दोहरी चुनौती रहेगी। हालांकि विधानसभा सचिवालय ने अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। विस की एक टीम पहले ही रवाना हो चुकी है। दूसरी टीम रविवार को गैरसैंण रवाना होगी। शनिवार को भी विधानसभा सचिवालय में अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देते रहे। वर्तमान में मौसम के तेवरों के देखते हुए ही तैयारी की जा रही है। मालूम हो कि राज्य में अगस्त के महीने में लगातार भारी बारिश हो रही है।
आज ही मौसम विभाग ने 22 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सड़क मार्ग से बड़ी संख्या में कर्मचारियों व जन प्रतिनिधियों को गैरसैंण पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे पिछले कई दिनों से अनेक स्थानों पर बाधित हो रहा है। कौड़ियाला में हाईवे 38 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खुल पाया है। ऐसे में यदि भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सड़क के कई स्थानों पर बाधित होने की आशंका रहेगी। साथ ही बारिश से हो रहे नुकसान के बीच जनप्रतिनिधियों का सत्र में पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। दूसरी तरफ, पांच अगस्त को आई आपदा के बाद से अभी तक धराली का सड़क संपर्क बहाल नहीं हो पाया है। हालांकि संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि सरकार गैरसैंण में सत्र का सफलता पूवर्क संचालन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार हर चुनौती से निपटने में सक्षम है।



