देहरादून। संयुक्त नागरिक संगठन ने बुधवार को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखा है। संगठन ने पश्चिम बंगाल के अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक 2024 से सबक लेकर उत्तराखंड में भी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर दुष्कर्म के मामलों के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की है। सचिव सुशील त्यागी ने कहा कि राज्य में बढ़ते यौन अपराधों को रोकने में वर्तमान समय में लागू कानूनों का खौफ अपराधियों में नहीं है, इसलिए इसमें बदलाव की जरूरत है। मांग की है कि दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म में पीड़िता की हत्या मामले में दोषियों को केवल मृत्युदंड का प्रावधान किया जाए। साथ ही नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म में भी केवल मृत्युदंड का ही प्रावधान किया जाए। ऐसे अपराध में सहयोगियों को भी कम से कम उम्रकैद जरूरी होनी चाहिए।










