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चारधाम यात्रा में स्वप्रमाणीकरण पत्र बाध्यता समाप्त करने की मांग

देहरादून। चारधाम यात्रा में यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन के साथ स्वप्रमाणीकरण पत्र देने की अनिवार्यता विरोध बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने यात्रा प्रशासन अध्यक्ष और उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी महासंघ के पदाधिकारयों ने यातायात निदेशक से मिलकर यह व्यवस्था समाप्त करने की मांग की है। रोटेशन के अध्यक्ष नवीनचंद रमोला ने कहा कि समिति आठ दशकों से यात्रा का संचालन कर रही है। 1400 किलोमीटर की यात्रा में आठ दिन लगते हैं। लेकिन कभी भी यात्रियों से स्वप्रमाणीकरण पत्र नहीं मांगा गया। इस प्रमाण पत्र में यात्रियों को यात्रा रूट पर कहां ठहरेंगे और कहां भोजन करेंगे, इसकी जानकारी देनी है। बताया कि यात्रा के दौरान मौसम खराब रहता है, यात्रा रूट अवरुद्ध रहते हैं, ऐसे में यात्री अपनी सुविधानुसार ठहरने और भोजन की व्यवस्था करते हैं, उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कतई उचित नहीं है, इसे वापस लेना चाहिए। इधर, उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी महासंघ अध्यक्ष सुंदर सिंह पंवार ने नेतृत्व में भी एक प्रतिनिधिमंडल ने यातायात निदेशक से मिलकर यात्रा को सरल और सुलभ बनाने की मांग की है।