अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊँ में छात्रा से मारपीट के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सोमवार को स्वयं विद्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट स्वीकार्य नहीं है। जिलाधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य से घटना की जानकारी ली और पीड़ित छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना। उन्होंने विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं से भी बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा और उपखंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की संयुक्त समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में संबंधित अतिथि शिक्षिका की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की, जिसके आधार पर उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए काउंसलिंग, संवाद और अन्य सकारात्मक उपाय अपनाए जाने चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान किया जाए, लेकिन किसी भी परिस्थिति में बच्चों के साथ शारीरिक दंड स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों के साथ बैठक कर पठन-पाठन, अनुशासन, विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यालय में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी ली। छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग पर उन्होंने खेल मैदान विकसित करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और शौचालयों की व्यवस्था सुधारने, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, विद्यालय तक पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी के भंडारण के लिए टैंक स्थापित कर पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सौम्या गर्ब्याल, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रवि मेहता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
छात्रा से मारपीट मामले में डीएम ने स्कूल पहुंचकर की जांच, अतिथि शिक्षिका बर्खास्त














Leave a Reply