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दून अस्पताल में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने शुक्रवार को दून अस्पताल परिसर में लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग की कमान या तो स्वयं संभालें या किसी कुशल विधायक को इसका जिम्मा सौंपें। राज्य आंदोलनकारी मंच ने शहीद स्मारक से अपने प्रदर्शन की शुरुआत की। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी दून अस्पताल परिसर तक पहुंचे। आंदोलनकारियों ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख शिकायतें और मांग में दून अस्पताल में बदहाली, अल्ट्रासाउंड की समस्या, दवाइयां बाहर से लिखे जाने, शौचालयों में गंदगी और सीटी स्कैन व एमआरआई सुविधाओं में तकनीकी दिक्कतें जैसे मुद्दे शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने अपना ज्ञापन डीएम के माध्यम से सीएम को प्रेषित किया। जिसमे कोरोनेशन अस्पताल में एमआरआई और डिजिटल एक्स-रे सुविधा शुरू करने, गांधी शताब्दी अस्पताल में खाली पड़े कमरों को उपयोग में लाने के लिए ईसीजी, फिजिशियन व बच्चों के डॉक्टर तैनात करने, जिला अस्पतालों में 24 घंटे रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रदर्शकारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य विभाग की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो राज्य आंदोलनकारी सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ.गीता जैन, सीएमएस डॉ. एनएस. बिष्ट और अस्पताल प्रशासन के अन्य लोग वार्ता के लिए आए। प्राचार्य ने अल्ट्रासाउंड की समस्या पर कहा कि प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रदर्शन में ये रहे शामिल केशव उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, सुशील त्यागी, दिनेश भण्डारी, रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, युद्धवीर सिंह चौहान, विशम्भर दत्त बौंठीयाल, गणेश डंगवाल, बलबीर नेगी, सुशील चमोली, विनोद असवाल, मनोज नौटियाल, सत्या कण्डवाल, शकुन्तला रावत, अरुणा थपलियाल, राजेश्वरी नेगी, देवेश्वरी नेगी, संगीता रावत, यशोदा रावत, पुष्पा रावत, गीता नेगी, सुशील विरमानी, नरेन्द्र नौटियाल, सुरेश नेगी, महेन्द्र सिंह नेगी, विरेन्द्र सिंह रावत, हरिकृष्ण पेटवाल, मोहन खत्री, मोहन थापा एवं प्रभात डण्डरियाल, सुनील कुमार, द्वारिका बिष्ट और संयुक्त नागरिक संगठन के सचिव सुशील त्यागी। ज्यादा समस्याएं स्वास्थ्य की, घेराव प्राचार्य का राज्य आंदोलनकारियों के ज्ञापन में अधिकांश समस्याएं स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों से जुड़ी थी। दून अस्पताल की बिल्डिंग में प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने दून मेडीकल कालेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन का घेराव किया और समस्याओं को रखा। प्राचार्य ने कहा कि ये समस्याएं तो उनके स्तर की नहीं है। जिस पर आंदोलनकारियों ने दून अस्पताल की ही अल्ट्रासाउंड, खून की जांच, मुफ्त जांच की व्यवस्था और भर्ती आदि की कई समस्याओं को गिनाया और उन्हें दूर कराने की मांग उठाई।

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