रुड़की। बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव होने से डेंगू और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए बुधवार को सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके मिश्रा ने डॉक्टरों के साथ बैठक कर डेंगू की रोकथाम और मरीजों के उपचार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में अस्पताल आने वाले बुखार पीड़ित मरीजों की गंभीरता से जांच की जाए। सीएमएस ने निर्देश दिए कि यदि किसी मरीज में डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसकी डेंगू जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर मरीज को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जाए। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की निगरानी में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा। बैठक में उन्होंने डेंगू के संभावित मरीजों के उपचार, जांच और अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। साथ ही मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और गंभीर स्थिति वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू के साथ अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा भी रहता है, इसलिए अस्पताल में आने वाले मरीजों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
आठ बेड का डेंगू वार्ड तैयार:
डेंगू की आशंका को देखते हुए सिविल अस्पताल में आठ बेड का अलग डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड के सभी बेड पर मच्छरदानियां लगाई गई हैं। इसके अलावा मरीजों के उपचार के लिए जरूरी दवाएं और अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में वार्ड का उपयोग किया जाएगा।







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