देहरादून। उत्तराखंड में 25 और 26 जुलाई को 587 पदों पर आयोजित नर्सिंग भर्ती परीक्षा सवालों से घिर गई है। प्रेस क्लब में गुरुवार को बेरोजगार संघ और नर्सिंग एकता मंच ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर कई गंभीर आरोप लगाए। भर्ती परीक्षा को रद्द कर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई।
बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल और नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने आरोप लगाया कि नर्सिंग भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से लेनदेन हुआ है और अंदर के लोगों की मिलीभगत की भी आशंका है। नेहरू कॉलोनी में एक युवती द्वारा दर्ज कराए गए नर्सिंग अधिकारी की सरकारी नौकरी के नाम पर 32 लाख रुपये की ठगी के मुकदमे का हवाला दिया। कहा कि इस मामले में नकल विरोधी कानून की धारा जोड़ी जाए। आरोप है कि आरोपी पूर्व में ठगी के मामलों में जेल गया है। युवती से नौकरी के नाम पर करीब 25 खातों में रकम जमा कराई गई थी। आरोपी चारु चंद्र जोशी ने मंत्री की बैठक एवं डीजी ऑफिस भी वीडियो कॉल पर दिखाया। आशंका जताई कि कई अन्य अभ्यर्थियों से भी नौकरी के नाम पर ठगी की गई है।
संगठनों ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की एसआईटी व एसटीएफ से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर प्रवेश रावत, राजेंद्र कुकरेती, मुकेश रमोला, उपेंद्र, जतिन और अवधेश समेत कई युवा मौजूद रहे।









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