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महिला दरोगा को थप्पड़ मारने वाले सिपाही पर मुकदमा, सस्पेंड भी किया

हल्द्वानी। राजपुरा चौकी प्रभारी आरती सचदेवा ने एसओजी में तैनात सिपाही पर ड्यूटी के दौरान गाली-गलौज के बाद थप्पड़ जड़ने का आरोप लगाया है। साथ ही दरोगा ने सिपाही पर घर में आकर हंगामा करने और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दरोगा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं सिपाही को सस्पेंड भी कर दिया गया है। चौकी प्रभारी पीड़ित दरोगा आरती ने तहरीर देकर कहा कि एसओजी में तैनात सिपाही अनिल गिरी ने 10 अक्तूबर को उसे फोन कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप लगाया कि सिपाही ने काशीपुर स्थित उसके आवास पर जाकर पति और बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। आरोप है कि अगले दिन 11 अक्तूबर को वह परीक्षा ड्यूटी के लिए कोतवाली पहुंची तो अनिल ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर उसके मुंह पर तमाचा मारा और कनपटी पर पिस्टल तानी। महिला दरोगा के मुताबिक उसने एसएसपी से शिकायत करने की बात कही तो सिपाही ने ऐसा करने पर धमकाया। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीसीटीएनएस कार्यालय में बंधक बनाने का आरोप
तहरीर के अनुसार महिला दरोगा अपनी जान को खतरा महसूस करते हुए सीसीटीएनएस कार्यालय के कक्ष में चली गई। जहां दो अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। आरोप है कि सिपाही अनिल गिरी वहां भी पहुंच गया और महिला को उच्चाधिकारियों को सूचना देने से रोकने लगा। दरोगा ने आरोप लगाया कि उसने मारपीट शुरू कर दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर उसे शांत कराया।
सीसीटीवी देख शांत हुआ एसओजी सिपाही
दरोगा ने तहरीर में लिखा कि जब आरोपी को एहसास हुआ कि उसकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही हैं तो वह शांत हो गया और हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। आरोप है कि उसे करीब 17 से 18 मिनट तक सीसीटीएनएस कार्यालय में बंधक बनाकर रखा गया और बाहर निकलकर किसी को सूचना देने से रोका गया। इस दौरान सरकारी सेवा में बाधा पहुंची।
कोट:
दरोगा की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। मामले की सीओ स्तर पर जांच जारी है। सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। – डॉ.मंजूनाथ टीसी, एसएसपी

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