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विराट सांस्कृतिक आयोजनों के चलते व्यस्त रहेगा दून का ये पखवाड़ा

देहरादून। दून में ‘रीच’ संस्था के तत्वावधान में 15 दिवसीय विरासत आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल-2026 का भव्य आयोजन 23 अक्टूबर से 6 नवंबर तक किया जाएगा। इस बार महोत्सव का स्थान बदलकर नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र का विशाल ग्राउंड तय किया गया है, जहां भव्य ऑडिटोरियम और विस्तृत परिसर दर्शकों को नया अनुभव प्रदान करेगा। महोत्सव का शुभारंभ 23 अक्टूबर को शाम 7 बजे छोलिया नृत्य, उप्रेती बहनों के मंगल गायन और पंडित साजन मिश्रा व स्वरांश मिश्रा की गायकी से होगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में बेगम परवीन सुल्ताना, पंडित जसबीर जस्सी, डॉ. एन. राजम, रागिनी शंकर और ‘इंडियन ओशन’ बैंड सहित देश-विदेश के विख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। एक नवंबर को प्रसिद्ध लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ का मंचन होगा, जबकि 6 नवंबर को सुप्रसिद्ध गायिका उषा उत्थुप की प्रस्तुति के साथ महोत्सव का समापन होगा। इसके अलावा हस्तशिल्प, व्यंजन, कवि सम्मेलन, मुशायरा व विंटेज कार/बाइक रैली भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विरासत में आयोजन स्थल पर प्रवेश शुल्क पचास रुपये रखी गई है।
अखिल गढ़वाल सभा का उत्तराखंड कौथिग:
अखिल गढ़वाल सभा उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक संगीत और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए 25 अक्टूबर से 2 नवंबर तक उत्तराखंड कौथिग का आयोजन करने जा रहा है।
कौथिग में लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां:
सभा अपने हीरक जयंती वर्ष में होने जा रहे इस कौथिग में उत्तराखंड के लोक गायन, लोकनृत्य, चित्रकला प्रतियोगिता, पारंपरिक वेशभूषा, गढ़वाली कवि सम्मेलन और रामलीला का मंचन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। रेंजर्स ग्राउंड में हर दिन सुबह 11 बजे से प्रतियोगिताएं और शाम छह बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। अध्यक्ष रोशन धस्माना, महासचिव गजेन्द्र भंडारी ने बताया कि 25 अक्टूबर को थड़िया-चौफला लोकनृत्य। पद्मश्री बसंती बिष्ट, अनिल बिष्ट, रोहित चौहान की प्रस्तुति। 26 को स्कूली छात्र-छात्राओं की चित्रकला प्रतियोगिता और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लोकनृत्य होंगे। 27 अक्टूबर को उत्तराखंड की महिलाओं की आंचलिक वेशभूषा प्रतियोगिता और विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य प्रतियोगिता। 28 को स्कूली विद्यार्थियों की समूहगान प्रतियोगिता के साथ गजेंद्र राणा, सौरभ मैठाणी, बिशन हरियाला की गीत संध्या। 29 को पौराणिक पांडव नृत्य और गैंड़ा वध, गढ़वाली कवि सम्मेलन होगा। 30 अक्टूबर को कुलानंद घनशाला की गढ़वाली रामलीला का मंचन होगा। 31 को खेल-कूद प्रतियोगिताएं, शाम को नरेंद्र सिंह नेगी, संगीता ढौंडियाल की प्रस्तुति देंगे। एक नवंबर को उत्तरकाशी के लोकनृत्य के साथ प्रीतम भरतवाण, मीना राणा, विवेक नौटियाल, खुशी जोशी की गीत संध्या होगी। दो नवंबर को पौराणिक गाथा पर लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ मंचन होगा।

 

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