देहरादून। सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून द्वारा विकसित देशीय बायो-जेट ईंधन निर्माण प्रौद्योगिकी को वायु सेना के विमानों में प्रयोग के लिए औपचारिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है। आर कमलकन्नन, समूह निदेशक(एटी एंड एफओएल) सेना उड़न योग्यता तथा प्रमाणीकरण केंद्र (सीईएमआइएलएसी) ने इस आशय का अन्तरिम प्रमाण-पत्र सलीम अख्तर फारूकी, प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-आईआईपी को सौंपा। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन आशीष श्रीवास्तव और विंग कमांडर ए सचान, सीईएमआइएलएसी के आर शण्मुग्वेल भी उपस्थित थे। यह प्रमाणन विमानन बायोफ्यूल क्षेत्र में भारत के बढ़ते विश्वास तथा आत्मनिर्भर भारत की ओर महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय प्रयोगशाला भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (सीएसआआईआर-आईआईपी) ने विकसित की है। पिछले तीन वर्षों में इस पर कई प्रायोगिक परीक्षण तथा ट्रायल किए गए हैं।
आईआईपी की बायोजेट ईंधन तकनीक को सेना से मिला औपचारिक प्रमाणीकरण









