रुद्रपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों की गुरुवार को मंडी समिति में बैठक हुई। इसमें किसानों ने धान खरीद शुरू नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार नरेंद्र गहतोड़ी को सौंपकर धान खरीद तत्काल शुरू कराने समेत विभिन्न मांगें उठाईं। किसान नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन ने एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके लिए तैयारियां पूरी नहीं हैं। मंडी में केवल बैनर लगाकर औपचारिकता पूरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की फसल खरीद नीति किसानों को हतोत्साहित करने वाली है, जिससे उन्हें अपनी फसल बिचौलियों को कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।वक्ताओं ने कहा कि व्यापारियों का पिछले वर्ष का करीब 500 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में व्यापारियों ने धान खरीद नहीं करने का निर्णय लिया है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि तीन अक्तूबर तक धान खरीद शुरू नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन में धान खरीद की गारंटी करने, मिल मालिकों का बकाया भुगतान कराने, बंटाई और ठेके पर जमीन जोत रहे किसानों के दस्तावेज देखकर उनकी फसल खरीदने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी करने, गन्ने का गारंटीड मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल करने और गांवों में नशा तस्करी पर रोक लगाने की मांग की गई। बैठक में भाकियू (टिकैत) के प्रदेश सचिव मलूक सिंह खिंडा, अखिल भारतीय किसान सभा (लोकतंत्र) के जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह, जिला संयोजक जगीर सिंह, भाकियू (चढ़ूनी) के अमरीक सिंह, अखिल भारतीय किसान महासभा के संयोजक ललित मटियाली, लोहर सिंह, त्रिलोक सिंह, अरूढ़ सिंह, दिनेश सिंह, मनखुशी राणा, बलबीर राणा, ध्यान सिंह, सुरसेवक सिंह, दलबीर सिंह और कुलदीप सिंह मौजूद रहे।






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