नई टिहरी। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 507 के चौड़ीकरण से निकलने वाले मलबे को नैनगांव के खड गदेरे में डाले जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क चौड़ीकरण का कार्य बंद करवा दिया है। मलबे के कारण ग्रामीणों के खेतों का भी नुकसान पहुंचा है।नैनगांव के पूर्व प्रधान गब्बर सिंह चौहान, ग्रामीण पवन सिंह, गंभीर सिंह, खजान सिंह चौहान ने एनएच के अधिकारियों पर आरोप लगाया है, कि एनएच के चौड़ीकरण से निकलने वाला मलबा नैनबाग के समीप खड गदेरे में डाला जा रहा है जिससे कई ग्रामीणों के खेतों का नुकसान पहुंच है। कहा कि एनएच पर्यावरण के नियमों का ताक पर रखकर सड़क चौड़ीकरण कार्य करवा रहा है। गदेरे में डाला गया मलबा बरसात के समय गदेरे में पानी के तेज बहाव से सीधे यमुना नदी में जाएगा। इससे ग्रामीणों के खेतों को नुकसान पहुंचने के साथ नदी बाढ़ की स्थिति भी पैदा हो सकती है। कहा कि ग्रामीण एनएच के चौड़ीकरण का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था मानकों ताक पर रख कर मलबे गदेरे में डाल रही है जिससे ग्रामीणों की सिंचित भूमि और गदेरे के पानी को नुकसान पहुंच रहा है। कहा कि ग्रामीण शुरू से गदेरे में मलबा डालने का विरोध कर रहे हैं। लेकिन एनएच के अधिकारी ग्रामीणों की मांग को अनसुना करने में लगे हैं। ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद एनएच को सड़क चौड़ीकरण कार्य बंद करना पड़ा। उन्होंने मलबे से ग्रामीणों के खेतों का हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति देने के साथ चौड़ीकरण से निकलने वाले मलबे का निस्तारण उचित स्थान पर करने को कहा। कहा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती एनएच के चौड़ीकरण कार्य नहीं होने देंगे। इस मौके पर जौनुपर प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि, राजेश सजवाण, गंभीर सिंह रावत, श्याम सिंह चौहान, मंतु सिंह, शूरवीर सिंह आदि शामिल है।
एनएच 507 के चौड़ीकरण से निकलने वाला मलबे को डंपिंग जोन में डंप करने के लिए पूर्व में ही ठेकेदार को कहा गया था। संबंधित ठेकेदार को शीघ्र गदेरे में मलबा न डालने के निर्देश दिए जाएगा। – जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता एनएच 507 बड़कोट उत्तरकाशी।













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