अल्मोड़ा। मिनी जू अल्मोड़ा अब पूरी तरह डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़ गया है। पर्यटक अब क्यूआर कोड स्कैन कर प्रवेश शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। वन विभाग ने बुधवार से यह सुविधा शुरू कर दी है।
भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार की डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की पहल के तहत सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा ने मिनी जू को डिजिटाइज किया है। विभाग के अनुसार जल्द ही यहां पीओएस मशीन भी स्थापित की जाएगी, जिससे पर्यटकों को और अधिक सुविधा मिल सकेगी।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी ने बताया कि मिनी जू और रेस्क्यू सेंटर के नए मास्टर प्लान को मंजूरी के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेजा गया है। प्रस्तावित योजना में मिनी जू को आधुनिक स्वरूप देने और विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों को डिस्प्ले में रखने की व्यवस्था शामिल है।
वर्तमान में मिनी जू में पांच तेंदुए, 50 चीतल, 24 सांभर, एक सफेद बंदर और दो उल्लू पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में करीब 35 हजार से अधिक पर्यटकों ने मिनी जू का भ्रमण किया, जबकि अप्रैल 2026 में 2980 पर्यटक यहां पहुंचे।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी लंबे समय से मिनी जू में ऑनलाइन भुगतान सुविधा शुरू करने के प्रयास में जुटे थे। अब 13 मई से क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था शुरू होने के बाद पर्यटकों को नकद भुगतान की परेशानी से राहत मिलेगी।

