जिलाधिकारी ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
अल्मोड़ा। सेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के अनुरूप संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड द्वाराहाट के जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोलूछाना के प्रांगण में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्वयं उपस्थित होकर आमजन की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। आधार सेवा केंद्र पर लोगों ने आधार नामांकन, संशोधन एवं अन्य आधार संबंधी कार्य कराए। वहीं श्रम विभाग द्वारा मौके पर ही श्रम कार्ड बनाए गए तथा विभिन्न विभागों द्वारा अनेक जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों ने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित भी किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा तीन लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। डेयरी विकास विभाग ने छह पशुपालकों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन किट प्रदान की। मत्स्य विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को मत्स्य तालाब निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए एक लाख रुपये से अधिक की धनराशि के स्वीकृति चेक वितरित किए गए।
शिविर में लगाए गए विभागीय स्टालों से लगभग 1150 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा लाभार्थियों ने भी योजनाओं से प्राप्त लाभ एवं अपने अनुभव साझा किए।
बहुउद्देशीय शिविर में पहुंचे उपाध्यक्ष बागवानी विकास परिषद देवेंद्र सिंह ढेला ने कहा कि अब लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए सरकार उनके द्वारा पर पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सबका साथ और सबका विकास के मंत्र के साथ सरकार लोगों तक पहुंचकर उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम के तहत लगने वाले बहुउद्देशीय शिविर लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य आमजन को उनके घर के निकट ही सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बहुउद्देशीय शिविर केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि इनका वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस शिविर में 96 शिकायतें पंजीकृत हुई जिनमें से अधिकतर का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया तथा अवशेष शिकायतों को सक्षम स्तर पर प्रेषित किया गया।
इस दौरान उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही, उपजिलाधिकारी द्वाराहाट सुनील कुमार राज, परियोजना निदेशक डीआरडीए के एन तिवारी, खंड विकास अधिकारी निवेदिता खुल्बे सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


