देहरादून। जाखन में संपत्ति के लालच में हुई अजय भटेजा की हत्या मामले में न्यायालय ने आरोपी शूटर राजन उर्फ जैकी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश मदन राम की अदालत ने अपराध की गंभीरता और मामले की विवेचना जारी रहने का हवाला देते यह फैसला दिया। जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई तो अभियोजन ने कहा कि मृतक अजय भटेजा के सौतेले भाई और सह-आरोपी अमित भटेजा ने संपत्ति के लालच में राजन उर्फ जैकी के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। घटना को अंजाम देने से पहले 23 मई 2025 को आरोपी राजन को जाखन और मसूरी स्थित संपत्तियां दिखाई गई थीं।फिर सुनियोजित तरीके से 25 मई 2025 को अजय भटेजा के घर पर उसकी हत्या कर दी गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष है। एफआईआर में उसका नाम नहीं है और उसे एक साल बाद महज शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता गुरु प्रसाद रतूड़ी ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से घटनास्थल पर राजन की मौजूदगी साबित होती है और गवाह संजू भंडारी, सपना व साहिल ने भी उसकी पहचान की है। न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट में पाया कि सहारनपुर निवासी जैकी पर शामली और सहारनपुर के विभिन्न थानों में गैंगस्टर, हत्या का प्रयास, लूट, गुंडा एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। अदालत ने माना कि आरोपी एक शातिर अपराधी है और जमानत मिलने पर वह गवाहों को डरा-धमका सकता है। ऐसे में आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त हुई।
अजय भटेजा हत्याकांड में शूटर जैकी को कोर्ट नहीं दी जमानत




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