देहरादून। डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोकने पर नारेबाजी की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। विरोध में अनेक लैब तकनीशियन पुलिस वाहनों के आगे सड़क पर लेट गए।चार सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 74 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर धरने दे रहे प्रदेश के बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियन शुक्रवार को गांधी पार्क मेंएकत्र हुए। यहां से प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले आक्रोश रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में बैरीकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी वर्षों से लंबित मांगों को रखने की अनुमति देने की मांग की। इस दौरान पुलिस से कहासुनी हो गई और धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के वर्षों बाद भी डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के साथ लगातार उपेक्षा की जा रही है। पिछले 74 दिनों से एकता विहार धरना स्थल पर शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद सरकार द्वारा उनकी न्यायोचित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे आंदोलनकारियों में भारी रोष है। कहा कि आईपीएचएस मानकों के अनुरूप डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के पदों का सृजन किया जाए। मेडिकल लैब तकनीशियन संवर्ग की सेवा नियमावली वर्षवार मेरिट के आधार पर बनाकर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो। भर्ती में विलंब के कारण आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए। सरकारी चिकित्सालयों की लैब सेवाओं के निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस दौरान कई लैब तकनीशियनों को चोटें आई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ते आक्रोश के बीच पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को घसीटते हुए पुलिस वाहनों में बैठाया। इसके आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा महिला लैब तकनीशियनों को भी जबरन हिरासत में लेकर वाहनों में बैठाया। कुछ देर के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस प्रदर्शन के दौरान मेडिकल लैब तकनीशियनों के साथ-साथ ऐलाइड हेल्थ साइंस के विभिन्न संवर्गों रेडियोलॉजी तकनीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, ओटी तकनीशियन सहित अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आंदोलन को समर्थन दिया।
पुलिस द्वारा संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र, प्रदेश महासचिव मयंक राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, कोषाध्यक्ष देवेंद्र भट्ट, गणेश गोदियाल, पंकज थुवाल, धनबीर बगियाल, आकांक्षा भट्ट, शिलोनी वसिष्ठ, प्रियंका पुरोहित, प्रियंका नेगी, बीना गुरुरानी, कुलभूषण, प्रियंका, परमात्मा पैनियुली, अमित जोशी, नरेश परिहार, सुनील, प्रदीप पंवार, रजत नौटियाल, अनूप रावत, प्रवेश चौहान, धर्मवीर सिंह, मनीष, सहित सैकड़ों आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया।
डिग्रीधारी लैब तकनीशियनों ने आक्रोश रैली निकाल किया मुख्यमंत्री आवास कूच









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