हरिद्वार। जिलेवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में तैयार किए गए मिनी सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं गांव स्तर पर ही सुनी और निस्तारित की जाएंगी। योजना का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने वर्चुअल माध्यम से किया। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के 25वें रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जनपद के जर्जर पंचायत भवनों का जीर्णोद्धार कराया गया था। इसके बाद सभी ब्लॉकों के 25 पंचायत भवनों को आधुनिक स्वरूप देकर मिनी सचिवालय बनाया गया है। अब यहां ग्राम प्रधान जनता की समस्याएं सुनेंगे।
साथ ही प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली जनसुनवाई से इन्हें वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जाएगा, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके। जिला स्तर से संबंधित मामलों के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदनपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनका निस्तारण जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों का दावा है कि इस प्रकार की व्यवस्था शुरू करने वाला हरिद्वार देश का पहला जनपद बन गया है। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। जनपद में कुल 25 मिनी सचिवालय तैयार किए गए हैं। इनमें बहादराबाद ब्लॉक में आठ, भगवानपुर में तीन, रुड़की में पांच, नारसन में पांच, लक्सर में तीन और खानपुर ब्लॉक में एक मिनी सचिवालय शामिल है। यहां प्रत्येक सोमवार को ग्राम प्रधान ग्रामीणों की शिकायतें सुनेंगे और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।










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