उत्तरकाशी। जिले में आपदा और सामरिक जरूरतों के लिहाज से अहम चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डा इन दिनों खुद बदहाली से जूझ रहा है। एयरपोर्ट को आपदा के समय राहत और बचाव अभियानों के साथ ही वायुसेना के उपयोग में लाया जाता है। वहां तैनात सुरक्षा और अग्निशमन कर्मियों के लिए बिजली-पानी जैसी सुविधाएं सुचारु नहीं है। ऊपर से परिसर में उगी घनी झाड़ियां गुलदार के खतरे को बढ़ा रही है।हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल में एयरपोर्ट परिसर में रह रहे एक पालतू कुत्ते को गुलदार ने मार दिया। इसके बाद यहां तैनात कर्मचारियों में डर का माहौल है। झाड़ियों की सफाई नहीं होने से परिसर में वन्यजीवों की आवाजाही का खतरा बना है। वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत चिन्यालीसौड़ से देहरादून के सहस्रधारा हेलिपैड तक हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी। करीब तीन साल तक संचालित होने के बाद सेवा बंद हो गई।अब एयरपोर्ट पर अग्निशमन विभाग, युकाडा और पुलिस के सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। वायुसेना और आपदा के दौरान ही इसका इस्तेमाल होता है जबकि सामान्य दिनों में एयरपोर्ट लगभग वीरान है। इसी बीच तीन दिन पहले मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके बावजूद बिजली, पानी और झाड़ियों की सफाई जैसी समस्याएं बरकरार है।इससे एयरपोर्ट की नियमित देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। युकाडा के एसीईओ संजय टोलिया ने बताया कि एयरपोर्ट पर आ रही दिक्कतों को दूर किया जाएगा और आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।
आपदा और सामरिक दृष्टिकोण से अहम, फिर भी बदहाल एयरपोर्ट








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