देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने केंद्र सरकार के वन नेशन, वन इलेक्शन को जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया। इस कदम को लोकतंत्र की विविधता और संघीय ढांचे के लिए भी खतरनाक करार दिया। कहा कि एक साथ चुनाव कराने से राष्ट्रीय मुद्दों के सामने क्षेत्रीय मुद्दे दब जाएंगे। एक बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मौजूदा समय में चुनाव आयोग चार राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं करा पा रहा है। ऐसे में वन नेशन वन इलेक्शन कैसे होगा। भाजपा भी जानती है कि ये संभव नहीं है। भाजपा के पास इस प्रस्ताव को लोकसभा से पारित कराने को 362 वोट का जरूरी बहुमत तक नहीं है। ये फैसला लेते समय केंद्र सरकार ने संवैधानिक बाधाओं की अनदेखी की है। ऐसे प्रयास लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर सकते हैं। राज्यों की स्वायतता प्रभावित होगी। इस फैसले को लागू करने को कई संवैधानिक संशोधन करने होंगे। जो एक जटिल प्रक्रिया है। इससे राजनीतिक अस्थिरता भी बढ़ सकती है। ये पूरी तरह संविधान के खिलाफ और लोकतंत्र के प्रतिकूल है। राज्यों में सरकारों के पांच साल का कार्यकाल पूरा न करने भाजपा राष्ट्रपति शासन के माध्यम से राज करना चाहती है।







