देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के जवानों की 4600 रुपये ग्रेड पे की मांग के समर्थन में सोमवार को राजधानी में पुलिस अधिकार मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों को पुलिस ने सुभाष रोड पर आयकर कट से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर वापस लौट गए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह कई संगठनों के लोग परेड ग्राउंड के पास इकट्ठा हुए। यहां से दोपहर करीब 12:20 बजे पुलिस मुख्यालय की ओर निकले। जिसे पुलिस ने बैरियर पर रोक लिया। इस दौरान मार्च का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता और कांग्रेस नेता संदीप चमोली ने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में दिन-रात जुटे रहने वाले जवानों की 4600 ग्रेड पे की मांग पर सरकार को अविलंब सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि इस न्यायपूर्ण मांग को पूरा करने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि 4600 ग्रेड पे कोई उपकार नहीं, बल्कि जवानों का अधिकार है। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद लोग वापस लौटे। इस दौरान जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार, यूकेडी सैनिक प्रकोष्ठ के महिपाल पुंडीर, आप प्रदेश अध्यक्ष उमा सिसोदिया, कांग्रेस नेता विवेक तिवारी, राष्ट्रीय बजरंग दल के कृपाल सिंह, काली सेना के भूपेश जोशी, देवभूमि युवा संगठन के आशीष नौटियाल, शांति प्रसाद भट्ट, मोहित डिमरी समेत अन्य लोग शामिल रहे।
मार्च के दौरान सुभाष रोड पर रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। बॉबी पंवार, शिव प्रसाद सेमवाल सहित तीन लोग बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। उन्हें नीचे उतारने के लिए सीओ सिटी स्वपनिल मुयाल खुद बैरियर पर चढ़ गए। इस दौरान हुई खींचातानी में सिटी मजिस्ट्रेट की एक हाथ की कोहनी के पास चोट लग गई और खून निकल आया।
चूकिं मामला पुलिसकर्मियों से जुड़ा था और पुलिस कर्मचारियों के परिवार शामिल न हो पाएं इसके पहले से इंतजाम कर लिए गए। इसके बावजूद कूच के दौरान पुलिस के साथ ही बड़ी संख्या में इंटेलिजेंस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान वीडियोग्राफी के जरिए एक-एक व्यक्ति की निगरानी की गई।
पुलिस जवानों को 4600 ग्रेड पे की मांग पर राजधानी में पुलिस अधिकार मार्च निकाला








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