अल्मोड़ा। नगर के एक निजी संस्थान संचालक और पत्रकार के बीच हुआ विवाद अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। मामले में संस्थान संचालक की ओर से मीडिया को जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि समझौते के बावजूद उन्हें लगातार बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है।
जारी पत्र के अनुसार, बीती 1 मई को कोतवाली अल्मोड़ा में संस्थान संचालक और एक पत्रकार के बीच हुए विवाद को लेकर बातचीत हुई थी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी और विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई गई। बताया गया कि सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक सामग्री को रोकने के उद्देश्य से दोनों पक्षों ने एक संयुक्त वीडियो भी बनाया था।
संस्थान संचालक का आरोप है कि बाद में उसी वीडियो को लेकर विवाद खड़ा कर दिया गया। उनका कहना है कि वीडियो पहले आपसी सहमति से साझा किया गया था, लेकिन बाद में पत्रकार की ओर से उसे हटाने के लिए दबाव बनाया गया और कई बार फोन व संदेश किए गए।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि 2 मई को कोतवाली में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें धमकी देने और जबरन वीडियो बनवाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। संस्थान संचालक ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से संस्थान तथा उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को खतरा महसूस हो रहा है।
मामले में प्रशासन और मीडिया से निष्पक्ष जांच कर सत्य सामने लाने तथा भ्रामक खबरों के प्रसार पर रोक लगाने की मांग की गई है।




Leave a Reply