– जनवरी में हुई थी नियुक्ति, आठ महीने तक लेते रहे वेतन; सत्यापन में खुला फर्जीवाड़ा
देहरादून। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी एवं कूटरचित शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। विभागीय सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने 10 शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। खास बात यह है कि इन शिक्षकों ने जनवरी 2026 में नियुक्ति के बाद करीब आठ महीने तक विभाग से वेतन भी प्राप्त किया।
शिक्षा विभाग के स्तर पर कराए गए प्रमाणपत्र सत्यापन में मामला सामने आने के बाद संबंधित शिक्षकों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन रामनगर बोर्ड से कराया गया था। सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रमाणपत्रों के फर्जी और कूटरचित होने की पुष्टि हुई।
रामनगर बोर्ड के सत्यापन में खुला मामला:
जानकारी के मुताबिक, इन सभी शिक्षकों की नियुक्ति जनवरी 2026 में प्राथमिक विद्यालयों में हुई थी। नियुक्ति के बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। प्रमाणपत्र संबंधित बोर्ड को भेजे गए, जहां जांच के दौरान अभिलेखों में गड़बड़ी सामने आई।
बागेश्वर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आशाराम के अनुसार, विभाग को सत्यापन के दौरान शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित सभी शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
आठ महीने तक सरकारी वेतन लेते रहे:
मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्त हुए इन शिक्षकों को करीब आठ महीने तक वेतन का भुगतान होता रहा। अब विभागीय स्तर पर इस बात की पड़ताल भी महत्वपूर्ण होगी कि नियुक्ति के दौरान प्रमाणपत्रों की प्रारंभिक जांच किस स्तर पर हुई और फर्जी दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में इतने समय तक कैसे बने रहे।विभाग के अनुसार, वेतन भुगतान और अन्य मामलों में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। हालांकि, इस प्रकरण ने सरकारी शिक्षण संस्थानों में नियुक्ति से पहले प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।
इन 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त
विभागीय कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों में कमला देवी (राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरसोला, कांडा), चंद्र प्रकाश (राजकीय प्राथमिक विद्यालय रीमा वर्कटी, कपकोट), रजनी (राजकीय प्राथमिक विद्यालय उछात, बागेश्वर), लक्ष्मी आर्या (राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यालडुंगा, कपकोट), रोहित कुमार (राजकीय प्राथमिक विद्यालय चनोस चनूसी, कपकोट), नेहा (राजकीय प्राथमिक विद्यालय नरगोली, कांडा), संजय कुमार (राजकीय प्राथमिक विद्यालय टेली, कपकोट), अरविंद कुमार (राजकीय प्राथमिक विद्यालय जलमानी, कपकोट), पंकज कुमार (राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंदिल, बागेश्वर) और प्रियंका (राजकीय प्राथमिक विद्यालय डुंगियारी जगथाना, कपकोट) शामिल हैं।










Leave a Reply