देहरादून। मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने उत्तराखंड में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की कार्रवाई पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान और कानून में पूर्ण विश्वास रखता है, लेकिन यदि प्रशासन केवल एक समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाएगा, तो इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा।नईम कुरैशी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का मूल उद्देश्य ध्वनि सीमा (डेसिबल) और समय-सीमा का पालन कराना है, न कि किसी विशेष धर्म के लाउडस्पीकर हटाना। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर है, तो यह नियम सभी धार्मिक स्थलों, राजनीतिक कार्यक्रमों, विवाह समारोहों और सामाजिक आयोजनों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।संगठन ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। उन्होंने सरकार से अपील की कि संवेदनशीलता के साथ सभी पक्षों से संवाद कर समाधान निकाला जाए। इस दौरान कानून के समान अनुपालन की मांग उठाने वालों में मेहताब कुरैशी, कमर खान, रमीज राजा, मौलाना हासिम, उमर और ईशान पठान मुख्य रूप से शामिल रहे।
लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई निष्पक्ष हो : नईम कुरैशी






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