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जलवायु प्रदूषण सबसे बड़ा आपातकाल : सुबुही खान

रुड़की। राष्ट्र जागरण अभियान की राष्ट्रीय प्रमुख सुबुही खान ने कहा कि जलवायु असंतुलन आज भारत का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे ज्वलंत और जरूरी मुद्दा है। इसे सिर्फ सरकार के भरोसे छोड़ना काफी नहीं है। हर व्यक्ति इसे लेकर जागरूक होगा, तभी हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दे सकेंगे। रविवार को लक्सर में राष्ट्र जागरण अभियान की तरफ से पर्यावरण आपातकाल विषय पर संवाद सभा आयोजित की गई। सभा की मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सुबुही खान ने कहा कि जलवायु में हो रहा बदलाव सबसे बड़ा आपातकाल है। हमारी हवा, पानी और मिट्टी सब प्रदूषित होते जा रहे हैं। गर्मी में अत्यधिक तपिश, जाड़ों में अत्यधिक सर्दी, अतिवृष्टि, बाढ़, तूफान, समुद्री चक्रवात, बिजली गिरना ये सारी आपदाएं जलवायु प्रदूषण की निशानी है। उन्होंने कहा कि आज हम स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, पर यही हालत रहे तो हमारी आने वाली पीढ़ी के पास न सांस लेने के लिए ऑक्सीजन होगी, न पीने के लिए पानी और न ही अनाज, फल, सब्जियां उगाने के लिए उपजाऊ मिट्टी होगी। अभियान के जिला संयोजक चरण सिंह त्यागी ने कहा कि विकसित और विकासशील देश जलवायु प्रदूषण कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। पूरी दुनिया के देशों को इससे जुड़ना होगा। इससे भी ज्यादा जरूरी है कि हर व्यक्ति इसे लेकर जागरूक हो। अधिवक्ता उदयपाल पंवार, कमल नारायण, दीपक भारद्वाज, राजेश राठौर, संजय जैन, मनीष अग्रवाल आदि ने भी अपने विचार रखे। संचालन अनिल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में कुशलपाल सिंह, अशोक चौधरी, सोनू राठी, जोध सिंह, विजय पाल, राजेंद्र नाथ और जौहर सिंह आदि मौजूद रहे।