हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार दोपहर बहादराबाद थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे रखे लोहे के गार्डर के खिसक जाने से दो कांवड़ियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 21 वर्षीय तनुज (मेरठ) और 22 वर्षीय कृष्ण (गाजियाबाद) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, हादसा तब हुआ जब एक कांवड़िया गार्डर पर चढ़ गया और उसका संतुलन बिगड़ने से वह नीचे बैठे कांवड़ियों पर गिर पड़ा। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य कांवड़ियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रुड़की भेजा और परिजनों को सूचना दी। बहादराबाद थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और निर्माण कार्य में लापरवाही की भी पड़ताल की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही हरिद्वार में चार कांवड़ियों की गंगा में डूबने से मौत हो गई थी। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में नहाने उतरे चारों युवक (उम्र 16 से 18 वर्ष, निवासी चंडीगढ़) एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में नदी की तेज धारा में बह गए।
दो दिनों में छह कांवड़ियों की मौत ने प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, ऐसे में निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम, नदी किनारे निगरानी और भीड़ नियंत्रण बेहद जरूरी है। इन हादसों से साफ है कि सुरक्षा चूक श्रद्धालुओं की जान पर भारी पड़ रही है।
कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है, लेकिन बार-बार हो रही दुर्घटनाएं यह संकेत देती हैं कि प्रशासन को सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू करना होगा। श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतनी होगी ताकि आस्था का यह महापर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।







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