हरिद्वार। महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जयंती एवं आर्य समाज के 150 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय विभाग में जनपदीय त्रिभाषा-भाषण प्रतियोगिता के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि भारत शिक्षा के क्षेत्र में विश्वगुरु के रूप में परचम फहराएगा। आज की युवा पीढ़ी शिक्षा के साथ तकनीकी क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे हमारा भारत विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा कर सामने आएगा। उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय को पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। उन्होंने भरत सिंह ट्रायल पुस्तिका का विमोचन किया। गुरुकुल विवि के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुलाधिपति डॉ. सत्यपाल ने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता में मुख्य घटक वाणी होती है। वाणी का विकास जब परिपूर्ण होता है, तब प्रतियोगी का व्यक्तित्व निखरता है। वाणी से प्रतियोगी के व्यक्तित्व को समझा जा सकता है। अच्छी वाणी (भाषण) बोलने वाला व्यक्ति शिक्षक, राजनेता और सन्यासी बन सकता है।
भारत शिक्षा में विश्व गुरु के रूप में परचम फहराएगा: डॉ. धनसिंह रावत


