देहरादून। बॉलीवुड फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर दून में एक व्यापारी को ठगने का प्रयास किया गया। 25 जून को दून के पटेलनगर इलाके में हुई घटना में व्यापारी को दो दिन बाद इसकी सूचना दी गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच से जुड़ा बताया। मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोहित विहार, जीएमएस रोड निवासी सिद्धार्थ अग्रवाल की डी-5 इंडस्ट्रियल एरिया पटेलनगर में फोटोकॉपी में उपयोग होने वाले पेपर शीट की फैक्ट्री है। बीते 25 जून की दोपहर करीब दो बजे एक इनोवा कार उनकी फैक्ट्री के बाहर पहुंची। कार से सुनीता नाम की एक महिला और हथियारों से लैस गार्ड सहित चार लोग उतरे।एक शख्स ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर रंजीत कांसले बताया। उसने सिद्धार्थ का मोबाइल छीना। आदित्य पांडेय नाम के व्यक्ति की शिकायत का हवाला देकर उसे जबरन कार में डालकर सहारनपुर चौक स्थित होटल एलेसी के बाहर ले गए। कार में आरोपियों ने कारोबारी पर पिस्तौल तानकर धमकाया कि वह एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा है। मकोका और एनडीपीएस जैसे गंभीर मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने का खौफ दिखाया और 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। कारोबारी ने उन्हें फैक्ट्री चलने और अपने पिता को बुलाने को कहा। दोपहर करीब 3:30 बजे गैंग सिद्धार्थ को लेकर वापस फैक्ट्री पहुंचा। वहां सिद्धार्थ के पिता प्रदीप अग्रवाल और एक पड़ोसी कारोबारी पहुंच गए। सिद्धार्थ के पिता ने सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने पुलिस कर्मियों से उनकी आईडी मांगी और लोकल पुलिस को साथ न लाने पर सवाल खड़े किए। यह सुनते ही फर्जी पुलिस की टीम घबरा गई और अभी लोकल पुलिस लेकर आते हैं कहकर वहां से भाग खड़ी हुई। पीड़ित परिवार की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रंजीत कांसले महाराष्ट्र पुलिस का एक बर्खास्त कर्मी है। पटेलनगर थाना इंस्पेक्टर विनोद गुसाईं ने बताया कि पीड़ित ने घटना की सूचना दो दिन बाद पुलिस को दी। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वारदात में प्रयुक्त इनोवा कार पर गौतमबुद्ध नगर का नंबर लगा था, जिसका सत्यापन कराया जा रहा है। फैक्ट्री, आरोपियों के कारोबारी को ले जाने के रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस आरोपियों की पहचान की कोशिश कर रही है।
बॉलीवुड फिल्म स्पेशल 26 स्टाइल में कारोबारी को ठगने पहुंचे आरोपी आईकार्ड मांगने पर भागे






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