ऑल वेदर रोड सहित कई सडक़ों को निर्माण पर्वतीय क्षेत्रों में हो रहा है लेकिन इस निर्माण के कारण पहाड़ों में सैकड़ों नए भूस्खलन जोन खुल गए है। जो कि पर्यटकों व पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वालों के लिए नासूर बन गए हैं। इस भूस्खलन जोन से लगातार पत्थर बरस रहे हैं। जिसके कारण लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। ऑल वेदर रोड का काम लगातार जारी है जिसके कारण अभी इन भूस्खलन जोन का कुछ समाधान भी नहीं किया जा रहा है। नेपाल की दो अंतराष्ट्रीय सीमाओं को जोडऩे वाली टनकपुर से पिथौरागढ़ ऑलवेदर सडक़ अपने निर्धारित समय से एक साल लेट हो चुकी है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि सडक़ के लिए पहाडिय़ों की बेतरतीब कटिंग के बाद पूरे रास्ते में नए स्लाइडिंग जोन बन गए हैं जो यहां से गुजरने वालों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। टनकपुर से घाट तक 25 से ज्यादा नए लैंड-स्लाइडिंग जोन बन गए हैं। 2018 सडक़ निर्माण शुरू होनें के साथ ही यह सडक़ हादसों की सडक़ बन गई थी। अब तक यहां सडक़ हादसों में 45 से ज्यादा मौत हो गई हैं। इसी रास्ते में एक कार पर पेड़ गिर गया था। उस हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई थी। सडक़ निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारी गिरीश ढेक मानते हैं बारिश के दिनों में सडक़ का निर्माण जोखिम भरा है। ढेक कहते हैं कि कुछ खतरनाक स्लाइडिंग जॉन को चिन्हित कर कंपनी ने प्रोटेक्शन वॉल लगाई है लेकिन बारिश के बीच कई नए स्लाइडिंग जॉन बने हैं जिनकी रिपोर्ट एनएच अधिकारियों को भेजी गई है।
ऑल वेदर रोड से खुल रहे सैकड़ों नए भूस्खलन जोन






