विकासनगर। शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सभासद शम्मी प्रकाश ने 535 करोड़ की सीवर एवं पेयजल परियोजना के निर्माण गुणवत्ता, कथित अवैध खनन, राजस्व हानि और अन्य अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। गुरुवार को सैयद रोड स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना का कार्य कर रही ईएमएस कंपनी लंबे समय से शहरवासियों का शोषण कर रही है। आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार कंपनी की ओर से पिछले करीब डेढ़ वर्ष से खनन सामग्री का कथित रूप से अवैध भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति और अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने आरटीआई में 23 ट्रैक्टरों के पंजीकरण नंबर उपलब्ध कराए, लेकिन दस्तावेज मांगने पर केवल सात ट्रैक्टरों के ही अभिलेख दिए गए। उनका आरोप है कि अधिकांश वाहन कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं, जबकि उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से खनन सामग्री ढोने में किया गया। उन्होंने हरिपुर से जीवनगढ़ तक कैनाल बाईपास मार्ग के निर्माण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगभग ₹10 करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क बनाई गई, जबकि आरटीआई में कंपनी ने भी इसी मार्ग पर 3.74 मीटर चौड़ाई में निर्माण कार्य करने की बात स्वीकार की है। उन्होंने पूछा कि एक ही सड़क पर दो विभागों द्वारा निर्माण किस आधार पर कराया गया। उन्होंने बताया कि इन सभी बिंदुओं को लेकर डीएम देहरादून को पांच सूत्रीय शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कथित अवैध खनन, राजस्व हानि, वाहन संचालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस जन आंदोलन शुरू करेगी और आवश्यकता पड़ने पर मामले को उच्च न्यायालय में भी ले जाया जाएगा। प्रेस वार्ता में नगर पालिका सभासद भारत कालरा, पूर्व सभासद राजेंद्र बिंजोला और जिला कांग्रेस महासचिव राजीव शर्मा उपस्थित रहे।










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