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यूपीएस स्कीम के विरोध में धरना देंगे दो को धरना देंगे रक्षा कर्मचारी

देहरादून(आरएनएस)। ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व महामंत्री ने कहा कि यूनाइटेड पेंशन स्कीम के विरोध में ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन ने आह्वान किया है कि समस्त रक्षा कर्मचारी 2 अक्टूबर2024 को गांधी जयंती के दिन गांधी प्रतिमा के सामने यूपीएस स्कीम के विरोध में धरना देंगे ,तथा 1 अक्टूबर2024 को सभी केंद्रीय कर्मचारी विरोध स्वरूपकाली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। फैडरेशन के पदाधिकारी यहां अपने देहरादून भ्रमण के दौरान पत्रकारां से बात कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 220 वर्ष पुरानी ऑर्डनेंस फैक्ट्री को कोविड-19 की पहली लहर में आपदा में अवसर का लाभ उठाते हुए मई 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा 41 ऑर्डिनेंस व्यक्तियों को निगमीकरण करने की घोषणा की गई थी। ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉय फेडरेशन के द्वारा अक्टूबर 2020 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का नोटिस देने पर केंद सरकार द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया तथा फैडरेशन को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। वार्ता के फेल होने पर रक्षा मंत्री द्वारा 16 जून 2021 को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को सात निगमों में बांटने का अध्यादेश जारी कर दिया गया। फेडरेशन के द्वारा माह जुलाई 21से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा करने पर केंद्र सरकार द्वारा 30 जून2021 को ही अति आवश्यक रक्षा सर्विस एक्ट लागू कर दिया गया जिसके तहत जो भी कर्मचारी हड़ताल पर जाएगा उसे 1 वर्ष की कैद और ₹10000 जुर्माना देना पड़ेगा। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ ऑल डिफेंस इंप्लाइज फेडरेशन ने सुप्रीम कोर्ट व चेन्नई हाई कोर्ट में एक पिटीशन दायर करी जिसके द्वारा ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कॉरपोरेशन बनाने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई । पहली पहली सुनवाई में केंद्र सरकार के सॉलिस्टर जनरल को यह लिखकर देना पड़ा कि हम किसी भी कर्मचारी को जबरदस्ती निगम में नहीं भेजेंगे इसके लिए हम एक सहमति पत्र कर्मचारियों को देंगे और उसकी सहमति के पश्चात ही उसको निगम में शामिल करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निगम में शामिल करने की पॉलिसी बनाने के लिए 2 साल का डीम्ड डेपुटेशन की अवधि अक्टूबर 2023 तक रखी गई। इस अवधि में कुछ भी पॉलिसी नही बनने के कारण डीम्ड डेपुटेशन की अवधि अक्टूबर 2024 तक ओर बढ़ाई गई, पुनः यह अवधि अब दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई है। केंद्र सरकार की विनाशकारी नीतियों का परिणाम है कि आज हमारी 41ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां वर्कलोड की कमी से जूझ रही है सारा काम प्राइवेट कंपनियों को दे दिया गया है जिसकी वजह से डिफेंस के हथियारों की गुणवत्ता में बहुत कमी आई है केंद्र सरकार द्वारा देश की सीमाओं पर लगे हुए जवानों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है साथ ही 41ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में काम करने वाले 81500 कर्मचारियों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
उन्‍होंने कहा कि 23 दिसंबर 2003 को केंद्र में स्थित वाजपेई सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए नोटिफिकेशन जारी किया था ,की 1जनवरी 2004 से भरती होने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को उनके बेसिक पे से प्रति माह10% की कटौती करके तथा इतनी ही धनराशि सरकार द्वारा जमा करके उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात जमा हुई धनराशियों से नई पेंशन स्कीम के तहत पेंशन दी जाएगी। नई पेंशन स्कीम का लगातार विरोध होने पर केंद्र सरकार ने सोमनाथ चटर्जी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर उसमें कुछ सुधार करने की बात कहकर 24 अगस्त24 को नेशनल काउंसिल जे सी एम् की मीटिंग बुलाई । ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉइज फेडरेशन ने इस मीटिंग का बहिष्कार किया कि कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं होनी चाहिए लेकिन रेलवे फेडरेशन के लीडरों द्वारा मीटिंग अटेंड करने के बाद केंद्र सरकार ने 24 अगस्त2024 को कैबिनेट में यह पास करवा दिया की नई पेंशन स्कीम का नाम बदलकर यूनाइटेड पेंशन स्कीम रखा जाए तथा कर्मचारी के वेतन से 10% कटौती के पश्चात 25 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर उसे लास्ट बेसिक का 50% पेंशन के रूप मेंयूपीएस दिया जाए, ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉय फेडरेशन का कहना है कि पेंशन कर्मचारी का मौलिक अधिकार जो सी एस एस पेंशन रूल 1972 के अंतर्गत मिलता है सर्वोच्च न्यायालय ने भी निर्णय दिया है कि पेंशन कोई उपहार नहीं है, पेंशन कोई अनुग्रह राशि नहीं है, पेंशन नियोक्ता की मर्जी से दी जाने वाली चीज नहीं है यह प्रत्येक सरकारी कर्मचारी का मौलिक अधिकार है। यूनाइटेड पेंशन स्कीम के विरोध में ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन ने आह्वान किया है कि समस्त रक्षा कर्मचारी 2 अक्टूबर2024 को गांधी जयंती के दिन गांधी प्रतिमा के सामने यूपीएस स्कीम के विरोध में धरना देंगे ,तथा 1 अक्टूबर2024 को सभी केंद्रीय कर्मचारी विरोध स्वरूपकाली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।