अल्मोड़ा। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 42 नवनियुक्त सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके कंधों पर भावी पीढ़ी के निर्माण की जिम्मेदारी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में किसी भी सरकारी विद्यालय को बंद नहीं किया जाएगा। यदि किसी गांव में केवल एक छात्र भी अध्ययनरत होगा तो वहां भी विद्यालय का संचालन जारी रहेगा। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब 22 हजार विद्यालयों में शौचालयों के निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही भिक्षावृत्ति में संलग्न बच्चों के पुनर्वास और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर छात्रावास स्थापित किए गए हैं। डॉ. रावत ने नवनियुक्त शिक्षकों से निष्ठा और समर्पण के साथ दायित्वों का निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की आधारशिला है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने डायट परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर महापौर अजय वर्मा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ललित लटवाल, डायट के प्राचार्य, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नवनियुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एक छात्र होने पर भी नहीं बंद होगा सरकारी विद्यालय: डॉ. धन सिंह रावत












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