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बाल श्रम और बाल अपराध रोकने को समाज आए आगे: सुनीता चौधरी

हरिद्वार। बाल श्रम और बाल अपराध की बढ़ती समस्या चिंताजनक है। बच्चों को मजदूरी और अपराध की राह पर जाने से रोकने के लिए परिवार और समाज को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यह बात वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं हरिद्वार बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता चौधरी ने कही। उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि आर्थिक गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा का अभाव और सामाजिक असमानता बाल श्रम व बाल अपराध के प्रमुख कारण हैं। इन परिस्थितियों में बच्चों का बचपन प्रभावित होने के साथ उनका भविष्य भी संकट में पड़ जाता है। जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए, उन्हें मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। सुनीता चौधरी ने कहा कि सरकार बच्चों के संरक्षण और शिक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। बाल कल्याण समिति भी जरूरतमंद और संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने और उनके पुनर्वास के लिए काम कर रही है। हालांकि, इन समस्याओं का स्थायी समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। कहा कि बच्चों को बाल श्रम से बचाने, शिक्षा से जोड़ने और अपराध की राह पर जाने से रोकने के लिए परिवार, समाज, प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अवसर मिलना चाहिए। संकट में फंसे बच्चों की समय रहते सहायता करना पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है।

 

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