देहरादून। राज्य आंदोलनकारियों ने 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण के बावजूद नियुक्तियां नहीं होने समेत विभिन्न मांगों को लेकर देहरादून में भीख मांगकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने पट्टियां पहनकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्य आंदोलनकारी शुक्रवार को कचहरी स्थित शहीद स्मारक से उत्तरांचल प्रेस क्लब पहुंचे। इससे पहले उन्होंने रास्ते में हाथ में कटोरा लेकर लोगों से भीख मांगी। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में संयोजक अंबुज शर्मा ने कहा कि जिस राज्य के लिए लोगों ने संघर्ष, त्याग और बलिदान दिया, उसी राज्य में अपने अधिकारों के लिए उन्हें हाथ फैलाने को मजबूर होना पड़ रहा है। राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण कानून पारित हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कई नियुक्ति और नियुक्ति के प्रकरण अब भी लंबित हैं। चिह्नीकरण के मामले भी वर्षों से अटके हैं। मंच ने आरोप लगाया कि नौकरशाही शासन की मंशा पर पानी फेर रही है। उन्होंने कहा कि वे 60 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। एक सप्ताह में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलनकारियों की मांगें
– लंबित नियुक्ति के मामलों का तत्काल निस्तारण।
– 2013 से लंबित सभी नियुक्ति प्रकरणों पर कार्रवाई।
– नियुक्ति रोकने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो।
– 2021 से लंबित चिह्नीकरण के मामलों का निस्तारण।
– लंबित चिह्नीकरण प्रकरणों की सूची सार्वजनिक की जाए।
– आरक्षण से जुड़े शासनादेशों का प्रभावी अनुपालन कराया जाए।
– लंबित मामलों की विभागवार और जिलावार समीक्षा हो।
– आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों को शामिल कर समाधान के लिए समिति गठित की जाए।







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