देहरादून। तिब्बती युवा कांग्रेस (टीवाईसी) ने चीन के तथाकथित नृजातीय एकता और प्रगति कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। बुधवार सुबह देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ हुई।भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने परेड ग्राउंड से शहर में एक न्याय और स्वतंत्रता की मांग कर मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन में भारत और नेपाल के 44 क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस के प्रतिनिधियों सहित हजारों की संख्या में तिब्बती नागरिकों ने हिस्सा लिया। तिब्बती युवा कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेरिंग चोम्पफेल ने चीन की दमनकारी और आत्मसात करने की नीतियों की निंदा की।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बतियों की संस्कृति, भाषा और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य चीनी दमन का कड़ा विरोध करना और अपनी राष्ट्रीय पहचान को बनाए रखने के लिए तिब्बती समुदाय के संकल्प को दोहराना था। भारत तिब्बत मित्र संघ के डॉ. राकेश कुमार, सीमा जागरण मंच के इंद्रपाल कोहली, भारत तिब्बत सहयोग मंच के अध्यक्ष अनिल चौधरी और डेलयिलिंग के तिब्बती सेटलमेंट ऑफिसर त्सेवांग फुंतसोक आदि मौजूद थे।
तिब्बती युवा कांग्रेस (टीवाईसी) ने चीन के कानून के खिलाफ किया प्रदर्शन








Leave a Reply