विकासनगर। बरसात के मौसम को देखते हुए प्रशासन द्वारा जौनसार बावर क्षेत्र की चकराता, कालसी और त्यूणी तहसीलों में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने और हमेशा मोबाइल कॉल रिसीव करने के आदेश दिए गए हैं। उपजिलाधिकारी चकराता, कालसी, त्यूणी योगेश मेहरा ने बताया कि जौनसार बावर क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने इस मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है। जौनसार बावर क्षेत्र में पिछले साल अमलावा नदी के उफान पर आने से कृषि भूमि, आवासीय मकान और गोशालाएं बह गई थीं। कालसी के व्यास नहरी में भी काफी नुकसान हुआ था। मानसून की बारिश से मुख्य मार्गों समेत अधिकांश ग्रामीण मार्ग भी अवरुद्ध हो जाते हैं। इसको लेकर सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि चकराता, कालसी और त्यूणी तहसीलों में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। वन विभाग, लोनिवि, एसडीआरएफ, थाना पुलिस समेत सभी विभागों को अलर्ट रहने को कहा गया है। जहां अधिक भूस्खलन होता है, ऐसे स्थानों को चिन्हित कर वहां स्थाई तौर पर जेसीबी तैनात करने की व्यवस्था कर दी गई है। अमलावा नदी के समीप कालसी में व्यास नहरी क्षेत्र में ऐसे परिवारों और घरों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां पर जलस्तर बढ़ने से दिक्कत हो सकती है। त्यूणी में टौंस के समीप भी चिन्हीकरण कर लिया गया है। ताकि उनको ऐसी स्थिति में सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके। कहा कि प्राइमरी विद्यालय सहिया सहित जितने भी स्कूल जर्जर भवनों में चल रहे हैं, बरसात के दौरान उनके संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दिए गए हैं।









