देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के पुरकुल में जमीन की रजिस्ट्री के दस्तावेजों और नक्शे में हेराफेरी कर धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। बिल्डर को धमकाने और फर्जीवाड़े की इस घटना में अदालत के आदेश के बाद राजपुर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साईंराम इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड वर्ल्ड ट्रेड टावर राजपुर रोड के डायरेक्टर हरीश यादव की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी कंपनी ने 12 जनवरी 2024 को गोपाल गोयनका और प्रवीण सचदेवा को एक जमीन बेची। डील में विक्रम सिंह राणा ने ब्रोकर की भूमिका निभाई थी। आरोप है कि सेल डीड रजिस्टर होने के बाद विक्रम राणा ने गोपाल गोयनका के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची। उन्होंने डीड के साथ संलग्न नक्शे में काले पेन से छेड़छाड़ कर दी और फर्जी तरीके से नक्शे में 30 फीट की एक अतिरिक्त सड़क दर्शा दी। जबकि मूल दस्तावेज में टाइप करके केवल 40 फीट की सड़क का ही जिक्र किया गया था। हस्ताक्षर के समय दस्तावेजों में कोई भी कटिंग या ओवरराइटिंग नहीं थी। शिकायतकर्ता हरीश यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि विक्रम सिंह राणा लगातार उन्हें और कंपनी के अन्य निदेशकों को धमकियां दे रहा था। आरोपी दबाव बना रहा था कि आसपास की जमीनें भी उसे सस्ते भाव में बेच दी जाएं। ऐसा न करने पर निदेशकों को झूठे आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। शिकायतकर्ता ने पहले पुलिस और एसएसपी देहरादून को भी शिकायत दी थी, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। एसओ राजपुर पीडी भट्ट ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
रजिस्ट्री के नक्शे में पेन से छेड़छाड़ के फर्जीवाड़े में तीन पर मुकदमा











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