Advertisement

नए रंग-रूप में नजर आएगा रेलवे स्टेशन

कोटद्वार। रेलवे स्टेशन अब नए रंग-रूप में नजर आएगा। स्टेशन के नवनिर्मित भवन की दीवारों पर उत्तराखंड की लोककला ऐपण के जरिए प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और रेलवे के विकास की गाथा उकेरी जा रही है। राजस्थान से आए चित्रकारों ने दीपावली के अवसर पर अपनी कलाकारी से स्टेशन की दीवारों को आकर्षक रूप देना शुरू कर दिया है।
रेलवे स्टेशन का नवनिर्मित भवन तैयार हो चुका है। इसके उद्घाटन से पहले रेलवे की गति शक्ति यूनिट स्टेशन के सौंदर्यीकरण में जुटी है। इसके तहत मुख्य हॉल की दो विशाल दीवारों को चित्रकारी से सजाया जा रहा है। पहली दीवार पर 39 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी जगह में उत्तराखंड की ऐपण कला के माध्यम से रेल यात्रा के बदलते स्वरूप को दर्शाया गया है। इसमें भाप इंजन से शुरू होकर डीजल इंजन और फिर आधुनिक इलेक्ट्रिक इंजन वाली वंदे भारत ट्रेन तक रेलवे के विकास को चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया गया है।
चित्रकारी में उत्तराखंड की पर्वतमाला, हिम शिखर, नदियों और हरे-भरे प्राकृतिक वातावरण को भी विशेष स्थान दिया गया है। इससे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और लोककला की झलक एक साथ देखने को मिलेगी।
दीपावली के बाद पहली दीवार के ठीक सामने दूसरी दीवार पर भी चित्रकारी की जाएगी। इसमें उत्तराखंड के लोकनृत्य और लोक संस्कृति को ऐपण कला के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इस कार्य में राजस्थान के राजा पेंटर के चित्रकार हरनेक सिंह, गोविंद, जल कुमार, नासिम अनवर और बनी जुटे हैं। चित्रकार हरनेक सिंह ने बताया कि 24 घंटे के भीतर पहली दीवार की चित्रकारी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद दूसरी दीवार पर काम शुरू होगा।
– कई स्टेशनों पर दिखेगी क्षेत्रीय संस्कृति की झलक
रेलवे की ओर से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई स्टेशनों को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर सजाया जा रहा है। कोटद्वार, हरिद्वार और हर्रावाला के साथ उत्तर प्रदेश के धामपुर और नगीना रेलवे स्टेशन भी इस पहल में शामिल हैं। धामपुर में चीनी मिल के साथ रेल यात्रा, जबकि नगीना में काष्ठ कला को लकड़ी की ट्रेन के माध्यम से दर्शाया गया है। हर्रावाला स्टेशन पर घंटाघर के साथ रेल यात्रा को चित्रित किया गया है। वहीं, हरिद्वार स्टेशन पर गंगा के 108 नामों को ऐपण, मधुबनी, गोंड, कलमकारी, पट्टाचित्र, वारली सहित दस से अधिक लोककलाओं के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।
– दो लाख रुपये से हो रहा सौंदर्यीकरण
करीब दो लाख रुपये के बजट से रेलवे स्टेशन पर उत्तराखंड की संस्कृति और रेलवे के उत्तरोत्तर विकास को चित्रकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह कलाकृतियां रेल यात्रियों का चित्त प्रसन्न करने के साथ ही उन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराएंगी। -एसएस रावत, खंड अभियंता (कार्य) नजीबाबाद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *