विकासनगर। पछुवादून विकास मंच के संयोजक अतुल शर्मा, आलोक खंकरियाल का कहना है कि आज भी जरूरत पड़ने पर ब्लड के लिए देहरादून के चक्कर काटने पड़ते हैं, ऐसे में कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। खासकर सीजेरियन डिलीवरी होने पर महिलाओं को कई बार ब्लड की जरूरत पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में या तो गर्भवती महिला को डिलीवरी से पहले ही देहरादून के अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है या डिलीवरी के बाद परिजनों को आनन फानन में देहरादून से ही ब्लड लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा संकट तब सामने आता है, जब किसी दुर्घटनाग्रस्त घायल को ब्लड की जरूरत पड़ती है। जौनसार बावर के सड़क हादसों के दौरान कई बार ऐसी परिस्थिति सामने आ चुकी है।
विकासनगर उप जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक खोलने की मांग








