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डीएफओ ने वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया

विकासनगर। चकराता वन प्रभाग क्षेत्र में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए डीएफओ ने तीन दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के दौरान जंगलों, नर्सरी, विभागीय वन सम्पदा का स्थलीय निरीक्षण किया। चकराता डीएफओ मयंक शेखर झा ने शुक्रवार को कनासर रेंज और बावर रेंज में वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में वन कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाया है। वन विभाग ओर ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से आग पर जल्द नियंत्रण पाया जा सकता है। डीएफओ ने कहा कि वन विभाग कर्मियों को आरक्षित वनों के अलावा खत वन, सिविल सोयम वन, राजस्व क्षेत्रों में भी आग बुझानी पड़ती है। ऐसे में बहुत ज्यादा कार्य क्षेत्र बढ़ने से परेशानी खड़ी हो रही है। डीएफओ ने बावर रेंज के कथियान में अंग्रेजों के जमाने में बने वन विश्रामगृह का भी निरीक्षण किया। डेढ़ सौ साल से अधिक पुराना बंगला रखरखाव, मरम्मत के अभाव में इन दिनों खस्ताहाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह वन विभाग की पुरानी धरोहर है। लिहाजा इसको संवारने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। त्यूणी नर्सरी पौधशाला का निरीक्षण करते हुए रेंज अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तीन दिवसीय प्रभाग भ्रमण के दौरान कनासर, बावर, देवघार, मोलटा रेंज का निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी हरीश चौहान, वन दरोगा हरपाल नेगी, जयपाल चौहान, दिनेश पंवार, चमन लाल आदि मौजूद रहे।